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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 5 • Mantra / Rik 28

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 5 • ऋचा / मन्त्र 28

8.5.28

Mantra ID: 8.5.28

रथं॒ हिर॑ण्यवन्धुरं॒ हिर॑ण्याभीशुमश्विना । आ हि स्थाथो॑ दिवि॒स्पृश॑म् ॥ (२८)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.5.28 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अश्विनीकुमारो! सोने द्वारा निर्मित सारथिस्थान वाले एवं सुनहरी लगामों वाले अपने रथ पर बैठकर आओ. (२८)

EN English Translation

O Ashwinikumaro! Sit on your chariot with gold-made chariots and golden reins. (28)

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