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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 5 • Mantra / Rik 32

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 5 • ऋचा / मन्त्र 32

8.5.32

Mantra ID: 8.5.32

आ नो॑ द्यु॒म्नैरा श्रवो॑भि॒रा रा॒या या॑तमश्विना । पुरु॑श्चन्द्रा॒ नास॑त्या ॥ (३२)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.5.32 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे बहुतों के मित्र अश्विनीकुमारो! तुम हमारे पास अन्न, यश और धन लेकर आओ. (३२)

EN English Translation

O friend of many, Ashwinikumaro! Bring us food, fame and wealth. (32)

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