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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 50 • Mantra / Rik 16

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 50 • ऋचा / मन्त्र 16

8.50.16

Mantra ID: 8.50.16

त्वं नः॑ प॒श्चाद॑ध॒रादु॑त्त॒रात्पु॒र इन्द्र॒ नि पा॑हि वि॒श्वतः॑ । आ॒रे अ॒स्मत्कृ॑णुहि॒ दैव्यं॑ भ॒यमा॒रे हे॒तीरदे॑वीः ॥ (१६)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.50.16 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! तुम पीछे, आगे, नीचे, ऊपर एवं सब ओर से हमारी रक्षा करो. तुम हमारे पास से राक्षसों के आयुध एवं देवों का भय दूर करो. (१६)

EN English Translation

O Indra! Protect us from behind, forward, down, above and all sides. Remove from us the weapons of demons and the fear of gods. (16)

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