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8.51.12
स॒त्यमिद्वा उ॒ तं व॒यमिन्द्रं॑ स्तवाम॒ नानृ॑तम् । म॒हाँ असु॑न्वतो व॒धो भूरि॒ ज्योतीं॑षि सुन्व॒तो भ॒द्रा इन्द्र॑स्य रा॒तयः॑ ॥ (१२)
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ऋग्वेद मन्त्र 8.51.12 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हम निश्चित रूप से इंद्र की सच्ची स्तुति करेंगे. हम झूठ नहीं बोलेंगे. इंद्र सोमरस न निचोड़ने वालों का वध करते हैं एवं सोमरस निचोड़ने वालों को अधिक ज्योति देते हैं. (१२)
EN English Translation
We will certainly truly praise Indra. We won't lie. Indra kills those who do not squeeze somers and the somras give more light to those who squeeze. (12)