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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 53 • Mantra / Rik 7

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 53 • ऋचा / मन्त्र 7

8.53.7

Mantra ID: 8.53.7

क्व१॒॑ स्य वृ॑ष॒भो युवा॑ तुवि॒ग्रीवो॒ अना॑नतः । ब्र॒ह्मा कस्तं स॑पर्यति ॥ (७)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.53.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

वर्षा करने वाले, नित्य युवक, विशाल गरदन वाले और न झुकने वाले इंद्र कहां हैं? कौन स्तोता उनकी पूजा करता है? (७)

EN English Translation

Where is indra, the rainy man, the daily young man, the giant neck, and the one who does not bow down? Who worships them? (7)

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