Popular:
ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 54 • Mantra / Rik 6

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 54 • ऋचा / मन्त्र 6

8.54.6

Mantra ID: 8.54.6

सु॒ताव॑न्तस्त्वा व॒यं प्रय॑स्वन्तो हवामहे । इ॒दं नो॑ ब॒र्हिरा॒सदे॑ ॥ (६)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 8.54.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र हम सोमरस निचोड़कर एवं चरु पुरोडाश आदि लेकर अपने इन कुशों पर बैठने के लिए तुम्हें बुलाते हैं. (६)

EN English Translation

O Indra, we call you to sit on these kushas of ours by squeezing the somras and taking the charu purodash, etc. (6)

卐 HinduText AI