Popular:
ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 54 • Mantra / Rik 7

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 54 • ऋचा / मन्त्र 7

8.54.7

Mantra ID: 8.54.7

यच्चि॒द्धि शश्व॑ता॒मसीन्द्र॒ साधा॑रण॒स्त्वम् । तं त्वा॑ व॒यं ह॑वामहे ॥ (७)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 8.54.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! तुम बहुत से यजमानों के प्रति समान व्यवहार करने वाले हो. इसलिए हम तुम्हें बुलाते हैं. (७)

EN English Translation

O Indra! You are going to behave the same way towards many hosts. That's why we call you. (7)

卐 HinduText AI