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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 56 • Mantra / Rik 20

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 56 • ऋचा / मन्त्र 20

8.56.20

Mantra ID: 8.56.20

मा नो॑ हे॒तिर्वि॒वस्व॑त॒ आदि॑त्याः कृ॒त्रिमा॒ शरुः॑ । पु॒रा नु ज॒रसो॑ वधीत् ॥ (२०)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.56.20 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे आदित्यो! क्रिया द्वारा बनाया हुआ यह हिंसक जाल विवस्वान्‌ के पुत्र यम के जाल के समान इस समय कमजोर हम लोगों को पहले के समान न मारे. (२०)

EN English Translation

Hey Aditya! This violent trap created by kriya is like the trap of Yama, the son of Vivasvan, at this time the weak we do not kill the same people as before. (20)

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