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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 58 • Mantra / Rik 2

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 58 • ऋचा / मन्त्र 2

8.58.2

Mantra ID: 8.58.2

न॒दं व॒ ओद॑तीनां न॒दं योयु॑वतीनाम् । पतिं॑ वो॒ अघ्न्या॑नां धेनू॒नामि॑षुध्यसि ॥ (२)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.58.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे यजमानो! उषाओं को उत्पन्न करने वाले, नदियों को शब्दायमान करने वाले एवं अवध्य गायों के पालक इंद्र को बुलाओ. तुम गायों के दूध की इच्छा करते हो. (२)

EN English Translation

O hosts! Call Indra, the creator of the ushas, the one who speaks the rivers and the guardian of the avadhya cows. You desire the milk of cows. (2)

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