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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 6 • Mantra / Rik 15

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 6 • ऋचा / मन्त्र 15

8.6.15

Mantra ID: 8.6.15

न द्याव इन्द्रमोजसा नान्तरिक्षाणि वज्रिणम्‌, न विव्यचन्त भूमयः.. (१५)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.6.15 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

द्युलोक, अंतरिक्ष एवं धरती वज्रधारी इंद्र को अपनी शक्ति से व्याप्त नहीं कर सकते हैं. (१५)

EN English Translation

Dulok, space and earth cannot cover Vajradhari Indra with their power. (15)

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