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8.6.20
या इन्द्र प्रस्वस्त्वासा गर्भमचक्रिरन्, परि धर्मेव सूर्यम्.. (२०)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 8.6.20 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे इंद्र! इन प्रसव वाली गायों ने मुख से अन्न खाकर इस प्रकार गर्भ धारण किया है, जिस प्रकार सूर्य के चारों ओर जल रहता है. (२०)
EN English Translation
O Indra! These natal cows have conceived by eating food from the mouth in such a way that water remains around the sun. (20)