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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 60 • Mantra / Rik 10

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 60 • ऋचा / मन्त्र 10

8.60.10

Mantra ID: 8.60.10

अच्छा॑ नः शी॒रशो॑चिषं॒ गिरो॑ यन्तु दर्श॒तम् । अच्छा॑ य॒ज्ञासो॒ नम॑सा पुरू॒वसुं॑ पुरुप्रश॒स्तमू॒तये॑ ॥ (१०)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.60.10 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हमारी स्तुतियां जलाने वाली ज्वालाओं से युक्त एवं दर्शनीय अग्नि के सामने जावें. रक्षा पाने के लिए हमारे यज्ञ हव्य अन्न से युक्त होकर अधिक धन वाले एवं बहुतों द्वारा प्रशंसित अग्नि के समीप जाएं. (१०)

EN English Translation

Let our praises be in front of a visible agni with burning flames. To get protection, our yajnas are rich in food and go to the agni that is rich and admired by many. (10)

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