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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 60 • Mantra / Rik 7

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 60 • ऋचा / मन्त्र 7

8.60.7

Mantra ID: 8.60.7

उ॒रु॒ष्या णो॒ मा परा॑ दा अघाय॒ते जा॑तवेदः । दु॒रा॒ध्ये॒३॒॑ मर्ता॑य ॥ (७)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.60.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे जातवेद अग्नि! हमारी रक्षा करो. हमें पाप की इच्छा करने वाले एवं हिंसकबुद्धि मनुष्य को मत सौंपो. (७)

EN English Translation

O Jativeda Agni! Protect us. Don't give us a man who desires sin and has a violent mind. (7)

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