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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 78 • Mantra / Rik 3

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 78 • ऋचा / मन्त्र 3

8.78.3

Mantra ID: 8.78.3

प्र व॒ इन्द्रा॑य बृह॒ते मरु॑तो॒ ब्रह्मा॑र्चत । वृ॒त्रं ह॑नति वृत्र॒हा श॒तक्र॑तु॒र्वज्रे॑ण श॒तप॑र्वणा ॥ (३)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.78.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे मरुतो! महान्‌ इंद्र के लिए स्तोत्र बोलो. शतक्रतु एवं वृत्रहंता इंद्र ने सौ धारों वाले वज्र से वृत्र असुर का नाश किया. (३)

EN English Translation

O Maruto! Speak the hymn for the great Indra. Shatrattu and Vrithrahanta Indra destroyed the Vrithra Asura with a hundred-edged vajra. (3)

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