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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 82 • Mantra / Rik 12

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 82 • ऋचा / मन्त्र 12

8.82.12

Mantra ID: 8.82.12

अधा॑ ते॒ अप्र॑तिष्कुतं दे॒वी शुष्मं॑ सपर्यतः । उ॒भे सु॑शिप्र॒ रोद॑सी ॥ (१२)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.82.12 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे शोभन-टोप वाले इंद्र! दीप्तियुक्त द्यावा-पृथिवी तुम्हारे अबाध बल की पूजा करती हैं. (१२)

EN English Translation

O lord-of-the-box Indra! The bright dyava-prithvivi worships your uninterrupted force. (12)

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