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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 82 • Mantra / Rik 22

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 82 • ऋचा / मन्त्र 22

8.82.22

Mantra ID: 8.82.22

पत्नी॑वन्तः सु॒ता इ॒म उ॒शन्तो॑ यन्ति वी॒तये॑ । अ॒पां जग्मि॑र्निचुम्पु॒णः ॥ (२२)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.82.22 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

ये जलयुक्त सोम निचोड़े गए हैं. इंद्र हमें पी लें, ऐसी अभिलाषा करते हुए सोम इंद्र के पास जाते हैं. पीने पर प्रसन्नता देने वाला सोम जल में जाता है. (२२)

EN English Translation

These watery mons are squeezed. Indra goes to Indra, wishing for us to drink, so Som goes to Indra. The som that gives pleasure on drinking goes into the water. (22)

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