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8.83.10
त्यान्नु पू॒तद॑क्षसो दि॒वो वो॑ मरुतो हुवे । अ॒स्य सोम॑स्य पी॒तये॑ ॥ (१०)
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ऋग्वेद मन्त्र 8.83.10 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे पवित्र बल वाले एवं अपने तेज से ही दीप्त मरुतो! मैं इस सोमरस को पीने के लिए तुम्हें बुलाता हूं. (१०)
EN English Translation
O you of holy force and with your own glory, Maruto! I'll call you to drink this somras. (10)