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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 83 • Mantra / Rik 11

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 83 • ऋचा / मन्त्र 11

8.83.11

Mantra ID: 8.83.11

त्यान्नु ये वि रोद॑सी तस्त॒भुर्म॒रुतो॑ हुवे । अ॒स्य सोम॑स्य पी॒तये॑ ॥ (११)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.83.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जिन मरुतों ने द्यावा-पृथिवी को स्तब्ध किया है, मैं उन्हीं को सोमरस पीने के लिए बुलाता हूं. (११)

EN English Translation

I call the maruts who have stunned The Dyava-Prithvivi to drink somras. (11)

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