Popular:
ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 87 • Mantra / Rik 11

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 87 • ऋचा / मन्त्र 11

8.87.11

Mantra ID: 8.87.11

त्वं हि नः॑ पि॒ता व॑सो॒ त्वं मा॒ता श॑तक्रतो ब॒भूवि॑थ । अधा॑ ते सु॒म्नमी॑महे ॥ (११)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 8.87.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे निवासस्थान देने वाले एवं बहुकर्मकर्ता इंद्र! तुम हमारे पिता एवं माता बनो. हम तुमसे सुख की याचना करेंगे. (११)

EN English Translation

O Indra, the abode-giver and the multi-worker! Be your father and mother. We will beg you for happiness. (11)

卐 HinduText AI