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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 101 • Mantra / Rik 11

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 101 • ऋचा / मन्त्र 11

9.101.11

Mantra ID: 9.101.11

सु॒ष्वा॒णासो॒ व्यद्रि॑भि॒श्चिता॑ना॒ गोरधि॑ त्व॒चि । इष॑म॒स्मभ्य॑म॒भितः॒ सम॑स्वरन्वसु॒विदः॑ ॥ (११)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.101.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

गाय के चमड़े पर ज्ञात होते हुए, पत्थरों की सहायता से भली प्रकार निचोड़े गए एवं धन प्राप्त कराने वाले सोम चारों ओर से भली-भांति शब्द कर रहे हैं. (११)

EN English Translation

Known on cow's leather, Som, who was squeezed well with the help of stones and received money, is saying good words from all sides. (11)

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