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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 101 • Mantra / Rik 12

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 101 • ऋचा / मन्त्र 12

9.101.12

Mantra ID: 9.101.12

ए॒ते पू॒ता वि॑प॒श्चितः॒ सोमा॑सो॒ दध्या॑शिरः । सूर्या॑सो॒ न द॑र्श॒तासो॑ जिग॒त्नवो॑ ध्रु॒वा घृ॒ते ॥ (१२)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.101.12 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

दशापवित्र की सहायता से शुद्ध किए गए, मेधावी, दही से मिश्रित, जल में चलने वाले एवं स्थिर सोम पात्रो में सूर्य के समान दिखाई देते हैं. (१२)

EN English Translation

Purified with the help of Dashapavitra, meritorious, mixed with curd, walked in water and look like the sun in the still som pots. (12)

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