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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 106 • Mantra / Rik 6

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 106 • ऋचा / मन्त्र 6

9.106.6

Mantra ID: 9.106.6

अ॒स्मभ्यं॑ गातु॒वित्त॑मो दे॒वेभ्यो॒ मधु॑मत्तमः । स॒हस्रं॑ याहि प॒थिभिः॒ कनि॑क्रदत् ॥ (६)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.106.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे देवों के लिए परम स्वादिष्ट एवं शब्द करते हुए सोम! तुम हमारे लिए मार्ग बताने वाले हो. तुम अनेक मार्गों से कलश में आओ. (६)

EN English Translation

O most delicious and word-making mon to the gods! You're going to show us the way. You come to the kalash by many paths. (6)

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