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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 107 • Mantra / Rik 16

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 107 • ऋचा / मन्त्र 16

9.107.16

Mantra ID: 9.107.16

नृभि॑र्येमा॒नो ह॑र्य॒तो वि॑चक्ष॒णो राजा॑ दे॒वः स॑मु॒द्रियः॑ ॥ (१६)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.107.16 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

ऋत्विजों द्वारा नियमित, अभिलाषा करने योग्य, विशेष द्रष्टा, दीप्तिशाली एवं राजा सोम अंतरिक्ष में उत्पन्न होकर इंद्र के लिए टपकते हैं. (१६)

EN English Translation

Regular, wishable, special seers, radiants and king monstrosity by the Ritvijs are born in space and drip for Indra. (16)

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