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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 32 • Mantra / Rik 1

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 32 • ऋचा / मन्त्र 1

9.32.1

Mantra ID: 9.32.1

प्र सोमा॑सो मद॒च्युतः॒ श्रव॑से नो म॒घोनः॑ । सु॒ता वि॒दथे॑ अक्रमुः ॥ (१)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.32.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

नशा करने वाले सोम निचुड़कर हव्यदाता यजमान को अन्न देने के लिए यज्ञ में जाते हैं. (१)

EN English Translation

The drunk som nikhurkar goes to the yagna to give food to the havyadata host. (1)

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