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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 62 • Mantra / Rik 11

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 62 • ऋचा / मन्त्र 11

9.62.11

Mantra ID: 9.62.11

ए॒ष वृषा॒ वृष॑व्रतः॒ पव॑मानो अशस्ति॒हा । कर॒द्वसू॑नि दा॒शुषे॑ ॥ (११)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.62.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

ये अभिलाषापूरक, बैल के समान कर्म करने वाले, राक्षसों को मारने वाले एवं शुद्ध होते हुए सोम हव्यदाता यजमान को धन देते हैं. (११)

EN English Translation

They give money to the host who is full of desire, who does acts like a bull, who kills demons and is cleansed. (11)

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