Popular:
ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 64 • Mantra / Rik 25

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 64 • ऋचा / मन्त्र 25

9.64.25

Mantra ID: 9.64.25

त्वं सो॑म विप॒श्चितं॑ पुना॒नो वाच॑मिष्यसि । इन्दो॑ स॒हस्र॑भर्णसम् ॥ (२५)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 9.64.25 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे दीप्तिशाली एवं पवित्र होते हुए सोम! तुम हमें ऐसा वचन दो, जो हजारों का भरण करने वाला एवं बुद्धि द्वारा पवित्र हो. (२५)

EN English Translation

O You, being glorious and holy, Mon! Give us a promise that is worth thousands and holy by wisdom. (25)

卐 HinduText AI