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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 64 • Mantra / Rik 26

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 64 • ऋचा / मन्त्र 26

9.64.26

Mantra ID: 9.64.26

उ॒तो स॒हस्र॑भर्णसं॒ वाचं॑ सोम मख॒स्युव॑म् । पु॒ना॒न इ॑न्द॒वा भ॑र ॥ (२६)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.64.26 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे दीप्तिशाली एवं छनते हुए सोम! तुम हमें ऐसी वाणी दो, जो हजारों का भरण करने वाली एवं हमें धन देने की अभिलाषा वाली हो. (२६)

EN English Translation

O bright and wretched Mon! Give us a voice that is worth thousands and desires to give us money. (26)

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