Popular:
सामवेद

Chapter / Prapathak 10 • Dashati / Sukta 6 • Mantra 8

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 10 • दशती / सूक्त 6 • मन्त्र 8

10.6.8

Mantra ID: 10.6.8

तमु ष्टवाम यं गिर इन्द्रमुक्थानि वावृधुः । पुरूण्यस्य नौँस्या सिषासन्तो वनामहे ॥ (८)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

सामवेद मन्त्र 10.6.8 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! बहुत सी प्रार्थनाओं से हम ने आप की उपासना की है और कर रहे हैं. हम स्तोत्रों और मंत्रों से आप का यशगान करते हैं. आप पराक्रमी हैं. हम पूरी निष्ठा के साथ आप की उपासना करते हैं. (८)

EN English Translation

O Indra! With many prayers, we have worshiped you and are doing it. We praise you with hymns and mantras. You are mighty. We worship you with full devotion. (8)

卐 HinduText AI