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सामवेद

Chapter / Prapathak 11 • Dashati / Sukta 2 • Mantra 9

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 11 • दशती / सूक्त 2 • मन्त्र 9

11.2.9

Mantra ID: 11.2.9

आ पवमान सुष्टुतिं वृष्टिं देवेभ्यो दुवः । इषे पवस्व संयतम् ॥ (९)

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सामवेद मन्त्र 11.2.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! आप शुद्ध व प्रशंसा के योग्य हैं. आप अपने रस की वर्षा वैसे ही हम पर करिए, जैसे देवता हमारे लिए अन्न और आशीर्वादों की वर्षा करते हैं. (९)

EN English Translation

O Mon! You are pure and worthy of praise. You shower your juice on us just as the gods shower food and blessings for us. (9)

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