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सामवेद

Chapter / Prapathak 11 • Dashati / Sukta 6 • Mantra 2

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 11 • दशती / सूक्त 6 • मन्त्र 2

11.6.2

Mantra ID: 11.6.2

स सूनुर्मातरा शुचिर्जातो जाते अरोचयत् । महान्मही ऋतावृधा ॥ (२)

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सामवेद मन्त्र 11.6.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! आप सुपुत्र हैं. पृथ्वी आप की माता व अंतरिक्ष आप के पिता हैं. आप अपने मातापिता को सुशोभित करते है और ऋत्‌ (सत्य) से बढ़ोतरी पाते हैं. (२)

EN English Translation

O Mon! You are a son. Earth is your mother and space is your father. You adorn your parents and grow from the truth. (2)

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