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सामवेद

Chapter / Prapathak 11 • Dashati / Sukta 7 • Mantra 7

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 11 • दशती / सूक्त 7 • मन्त्र 7

11.7.7

Mantra ID: 11.7.7

इन्द्र जुषस्व प्र वहा याहि शूर हरिह । पिबा सुतस्य मतिर्न मधोश्चकानश्चारुर्मदाय ॥ (७)

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सामवेद मन्त्र 11.7.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! आप शूरवीर व घोड़ों के स्वामी हैं. आप आइए. आप के पुत्र (यजमान) आप को प्रसन्न करने के लिए सोमरस भेंट कर रहे हैं. आप उस मधुर सोमरस को पीने की कृपा कीजिए. (७)

EN English Translation

O Indra! You are a knight and a master of horses. You come. Your son (host) is offering Someras to please you. Please drink that sweet someras. (7)

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