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सामवेद

Chapter / Prapathak 12 • Dashati / Sukta 3 • Mantra 10

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 12 • दशती / सूक्त 3 • मन्त्र 10

12.3.10

Mantra ID: 12.3.10

इन्द्राग्नी युवामिमे३ऽभि स्तोमा अनूषत । पिबतँ शम्भुवा सुतम् ॥ (१०)

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सामवेद मन्त्र 12.3.10 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! हे अग्नि! हम यजमान आप दोनों देवताओं की उपासना करते हैं. आप दोनों सोमरस पीजिए. (१०)

EN English Translation

O Indra! O agni! We hosts worship both of you gods. You both drink somers. (10)

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