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सामवेद

Chapter / Prapathak 14 • Dashati / Sukta 5 • Mantra 8

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 14 • दशती / सूक्त 5 • मन्त्र 8

14.5.8

Mantra ID: 14.5.8

य आर्जीकेषु कृत्वसु ये मध्ये पस्त्यानाम् । ये वा जनेषु पञ्चसु ॥ (८)

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सामवेद मन्त्र 14.5.8 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

सोमरस आर्जीक, (हिलेब्रांट के अनुसार कश्मीर में एक स्थान) कमेरों (काम करने वालों) के देश नदी के किनारे व पंचजनों के बीच में पैदा होता है. पैदा होने के बाद उसे परिष्कृत किया जाता है. (८)

EN English Translation

Somers Argyk (a place in Kashmir according to Hillebrandt) is born on the banks of the river and among the Panchjans, the country of the kamers (workers). After being born, it is refined. (8)

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