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सामवेद

Chapter / Prapathak 14 • Dashati / Sukta 6 • Mantra 2

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 14 • दशती / सूक्त 6 • मन्त्र 2

14.6.2

Mantra ID: 14.6.2

पुरुत्रा हि सदृङ्ङसि दिशो विश्वा अनु प्रभुः । समत्सु त्वा हवामहे ॥ (२)

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सामवेद मन्त्र 14.6.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अग्नि! आप सर्वद्रष्टा, दिशापति और हमारे प्रभु हैं. हम युद्ध में आप का आह्वान करते हैं. (२)

EN English Translation

O agni! You are the almighty, the direction and our Swami. We call on you in war. (2)

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