Popular:
सामवेद

Chapter / Prapathak 16 • Dashati / Sukta 1 • Mantra 5

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 16 • दशती / सूक्त 1 • मन्त्र 5

16.1.5

Mantra ID: 16.1.5

एष विप्रैरभिष्टुतोऽपो देवो वि गाहते । दधद्रत्नानि दाशुषे ॥ (५)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

सामवेद मन्त्र 16.1.5 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

सोम दिव्य और ब्राह्मणों द्वारा प्रशंसित हैं. ये जल में मिलते हैं. सोम यजमानों के लिए धन धारण करते हैं. (५)

EN English Translation

Soma is divine and admired by Brahmins. They are found in water. Som holds money for the hosts. (5)

卐 HinduText AI