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सामवेद

Chapter / Prapathak 16 • Dashati / Sukta 1 • Mantra 6

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 16 • दशती / सूक्त 1 • मन्त्र 6

16.1.6

Mantra ID: 16.1.6

एष विश्वानि वार्या शूरो यन्निव सत्वभिः । पवमानः सिषासति ॥ (६)

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सामवेद मन्त्र 16.1.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

शूरवीर जैसे बल प्रयोग करता है, वैसे ही सोम अपना धन देते हैं. ये बलशाली, सामर्थ्यवान और ऐश्वर्यशाली हैं. (६)

EN English Translation

Just as the knight uses force, Soma gives his money. They are powerful, powerful and glorious. (6)

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