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सामवेद

Chapter / Prapathak 16 • Dashati / Sukta 12 • Mantra 7

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 16 • दशती / सूक्त 12 • मन्त्र 7

16.12.7

Mantra ID: 16.12.7

गायन्ति त्वा गायत्रिणोऽर्चन्त्यर्कमर्किणः । ब्रह्माणस्त्वा शतक्रत उद्वँशमिव येमिरे ॥ (७)

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सामवेद मन्त्र 16.12.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! आप सैकड़ों कार्य करने वाले हैं. हम यजमान मंत्रों से आप के लिए यज्ञ करते हैं. हम आप की महिमा का गुणगान करते हैं. आप ब्रह्मविद हैं. बांस की तरह आप को ऊंची पदवी प्रदान करते हैं. (७)

EN English Translation

O Indra! You're going to do hundreds of jobs. We perform yagya for you with yajaman mantras. We praise your glory. You are a Brahmavid. Like bamboo, you get a high title. (7)

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