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सामवेद

Chapter / Prapathak 17 • Dashati / Sukta 1 • Mantra 9

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 17 • दशती / सूक्त 1 • मन्त्र 9

17.1.9

Mantra ID: 17.1.9

पदा पणीनराधसो नि बाधस्व महाँ असि । न हि त्वा कश्च न प्रति ॥ (९)

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सामवेद मन्त्र 17.1.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! आप महान व बहुत क्षमतावान हैं. आप किसी के भी प्रति कृपा में कमी नहीं रखते हैं. आप दान न देने वालों को बाधा पहुंचाइए. (९)

EN English Translation

O Indra! You are great and very capable. You do not lack in grace towards anyone. You obstruct those who do not donate. (9)

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