Popular:
सामवेद

Chapter / Prapathak 18 • Dashati / Sukta 2 • Mantra 7

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 18 • दशती / सूक्त 2 • मन्त्र 7

18.2.7

Mantra ID: 18.2.7

सहस्रधारं वृषभं पयोदुहं प्रियं देवाय जन्मने । ऋतेन य ऋतजातो विवावृधे राजा देव ऋतं बृहत् ॥ (७)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

सामवेद मन्त्र 18.2.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

सोमरस दिव्य गुण वाला, सुख बढ़ाने वाला, प्रिय और जल में मिल कर बढ़ोतरी पाता है. हे यजमानो! आप दूध मिला हुआ सोमरस देवताओं के लिए तैयार कीजिए. आप परिष्कृत सोमरस देवताओं के लिए तैयार कीजिए. (७)

EN English Translation

Someras has divine qualities, increases happiness, loves and increases in water together. O hosts! You prepare someras mixed with milk for the gods. You prepare for the refined Somerus gods. (7)

卐 HinduText AI