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18.4.5
शूरग्रामः सर्ववीरः सहावान्जेता पवस्व सनिता धनानि । तिग्मायुधः क्षिप्रधन्वा समत्स्वषाढः साह्वान्पृतनासु शत्रून् ॥ (५)
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सामवेद मन्त्र 18.4.5 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे सोम! आप सब से शूरवीर, सहनशील, विजेता, धनदाता, पवित्र, शीघ्र गति वाले, तीक्ष्ण अस्त्रशस्त्र वाले व शत्रुओं को हराने वाले हैं. आप ट्रोणकलश में बरसिए. (५)
EN English Translation
O Mon! You are the most brave, tolerant, conqueror, rich, holy, quick-moving, sharp weapons and defeaters. You rain in the tronacle. (5)