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सामवेद

Chapter / Prapathak 18 • Dashati / Sukta 5 • Mantra 6

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 18 • दशती / सूक्त 5 • मन्त्र 6

18.5.6

Mantra ID: 18.5.6

उत प्र पिप्य ऊधरघ्न्याया इन्दुर्धाराभिः सचते सुमेधाः । मूर्धानं गावः पयसा चमूष्वभि श्रीणन्ति वसुभिर्न निक्तैः ॥ (६)

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सामवेद मन्त्र 18.5.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

सोम बुद्धिशाली हैं. वे गायों को दूध से भरपूर करते हैं. गायों के दूध को सोमरस में मिलाया जाता है. लोग जैसे वस्त्रों से अपने को ढकते हैं, वैसे ही गाएं सोमपात्र को (दूध देने के लिए) ढक लेती हैं. (६)

EN English Translation

Som is intelligent. They feed cows with milk. The milk of cows is added to somerus. Just as people cover themselves with clothes, cows cover the sompatra (to give milk). (6)

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