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सामवेद

Chapter / Prapathak 19 • Dashati / Sukta 1 • Mantra 4

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 19 • दशती / सूक्त 1 • मन्त्र 4

19.1.4

Mantra ID: 19.1.4

स न ऊर्जे व्या३व्ययं पवित्रं धाव धारया । देवासः श‍ृणवन्हि कम् ॥ (४)

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सामवेद मन्त्र 19.1.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! आप हमें ऊर्जा प्रदान कीजिए. आप अव्यय व पवित्र धारावान हैं. आप धाराओं से दौड़ कर कलश में प्रवेश कीजिए. आप की आवाज सुन कर देवतागण आनंदित हों. (४)

EN English Translation

O Mon! You give us energy. You are unlovable and holy. You run through the streams and enter the urn. May the gods rejoice to hear your voice. (4)

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