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सामवेद

Chapter / Prapathak 21 • Dashati / Sukta 1 • Mantra 7

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 21 • दशती / सूक्त 1 • मन्त्र 7

21.1.7

Mantra ID: 21.1.7

उत्ते बृहन्तो अर्चयः समिधानस्य दीदिवः । अग्ने शुक्रास ईरते ॥ (७)

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सामवेद मन्त्र 21.1.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अग्नि! हम समिधाओं से आप को प्रज्वलित करते हैं. हमारी अधिक अर्चना से आप ज्चालाओं से बढ़ोतरी प्राप्त करते हैं. (७)

EN English Translation

O agni! We ignite you with samidhas. With more of our archana, you get an increase from the hikes. (7)

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