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23.2.10
त्वमिन्द्र प्रतूर्तिष्वभि विश्वा असि स्पृधः । अशस्तिहा जनिता वृत्रतूरसि त्वं तूर्य तरुष्यतः ॥ (१०)
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सामवेद मन्त्र 23.2.10 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे इंद्र! आप युद्धों में स्पर्धा करने वाले सभी शत्रुओं को दूर करते हैं. आप विच्नहारी हैं. (१०)
EN English Translation
O Indra! You remove all enemies who compete in wars. You are a witch. (10)