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सामवेद

Chapter / Prapathak 24 • Dashati / Sukta 1 • Mantra 8

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 24 • दशती / सूक्त 1 • मन्त्र 8

24.1.8

Mantra ID: 24.1.8

स नो महाँ अनिमानो धूमकेतुः पुरुश्चन्द्रः । धिये वाजाय हिन्वतु ॥ (८)

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सामवेद मन्त्र 24.1.8 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अग्नि! आप की ध्वजा बहुत ही धूम्रमय (धुएं वाली) है. आप महान व आनंददायी हैं. आप हमें बौद्धिक वैभव प्रदान करने की कृपा कीजिए. (८)

EN English Translation

O agni! Your flag is very smokey. You are great and enjoyable. Please give us intellectual splendour. (8)

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