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सामवेद

Chapter / Prapathak 24 • Dashati / Sukta 2 • Mantra 1

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 24 • दशती / सूक्त 2 • मन्त्र 1

24.2.1

Mantra ID: 24.2.1

इदं विष्णुर्वि चक्रमे त्रेधा नि दधे पदम् । समूढमस्य पाँसुले ॥ (१)

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सामवेद मन्त्र 24.2.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

विष्णु ने अपने पैरों को तीन प्रकार से रखा. उन पैरों की पदधूलि में ही सारा संसार समा गया. (१)

EN English Translation

Vishnu kept his feet in three ways. The whole world was absorbed in the footsteps of those feet. (1)

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