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सामवेद

Chapter / Prapathak 24 • Dashati / Sukta 2 • Mantra 12

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 24 • दशती / सूक्त 2 • मन्त्र 12

24.2.12

Mantra ID: 24.2.12

तँ सखायः पुरूरुचं यूयं वयं च सूरयः । अश्याम वाजगन्ध्यँ सनेम वाजपस्त्यम् ॥ (१२)

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सामवेद मन्त्र 24.2.12 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे यजमानो! तुम सब और हम सब सोमरस को प्राप्त करें. वह सोमरस दूधिया (सफेद), पराक्रमी, स्फूर्तिदायी, सुगंधमय और क्षमताशाली है. (१२)

EN English Translation

O hosts! All of you and all of us get to Somerus. He is somerus milky (white), mighty, invigorating, fragrant and capable. (12)

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