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सामवेद

Chapter / Prapathak 24 • Dashati / Sukta 2 • Mantra 9

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 24 • दशती / सूक्त 2 • मन्त्र 9

24.2.9

Mantra ID: 24.2.9

अस्तावि मन्म पूर्व्यं ब्रह्मेन्द्राय वोचत । पूर्वीरृतस्य बृहतीरनूषत स्तोतुर्मेधा असृक्षत ॥ (९)

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सामवेद मन्त्र 24.2.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे यजमानो! आप इंद्र के लिए प्रार्थनाएं याद कीजिए, उन प्रार्थनाओं को गाइए. पहले य॒ज्ञों में हम ने बृहती छंद में साम गाए. इस से यजमानो में बुद्धि उपजती है और वह बुद्धि मंजती है. (९)

EN English Translation

O hosts! You remember the prayers for Indra, sing those prayers. In the first yajnas, we sang saam in great verses. This produces wisdom in the hosts and they acquire wisdom. (9)

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