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सामवेद

Chapter / Prapathak 24 • Dashati / Sukta 4 • Mantra 1

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 24 • दशती / सूक्त 4 • मन्त्र 1

24.4.1

Mantra ID: 24.4.1

पवमाना असृक्षत सोमाः शुक्रास इन्दवः । अभि विश्वानि काव्या ॥ (१)

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सामवेद मन्त्र 24.4.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! आप का रस पवित्र व चमकीला है. उसे सभी काव्यों (वेद मंत्रों) के साथ संस्कारित किया जाता है. (१)

EN English Translation

O Mon! Your juice is pure and bright. He is cultured with all the poems (Veda mantras). (1)

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