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सामवेद

Chapter / Prapathak 27 • Dashati / Sukta 1 • Mantra 8

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 27 • दशती / सूक्त 1 • मन्त्र 8

27.1.8

Mantra ID: 27.1.8

इन्द्र आसां नेता बृहस्पतिर्दक्षिणा यज्ञः पुर एतु सोमः । देवसेनानामभिभञ्जतीनां जयन्तीनां मरुतो यन्त्वग्रम् ॥ (८)

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सामवेद मन्त्र 27.1.8 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! आप हमारे नेता होइए. बृहस्पति सब से आगे होने की कृपा करें. सोम दक्षिण यज्ञ के संचालक हैं. वे भी अग्रगामी हों. मरुद्गण शत्रुनाशक हैं. वे देवताओं की सेना में सब से आगो होने की कृपा करें. (८)

EN English Translation

O Indra! You are our leader. Please be ahead of Jupiter. Som is the operator of the South Yagya. They should also be forward-looking. Deserts are enemies. May they be pleased to be the ones of the gods. (8)

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